कंगारू केयर, वो तरीका जिससे बचाई जा सकती है मरते हुए बच्चे की भी जान

कंगारू केयर, वो तरीका जिससे बचाई जा सकती है मरते हुए बच्चे की भी जान

नई दिल्ली: बच्चे के विकास के लिए मां का प्यार जरूरी होता है. इससे बच्चे की ग्रोथ अच्छी होती और वह सेहतमंद रहता है. यहां हम आपको एक ऐसे तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे आपके शिशु की सेहत भी अच्छी रहेगी और वह कई गंभीर बीमारियों से बचा रहेगा. इसका नाम है- कंगारू केयर. ये एक ऐसा तरीका है, जिससे मरते हुए बच्चे की जान भी बचाई जा सकती है.

इसका नाम कंगारू केयर इसलिए रखा गया है क्योंकि, कंगारूओं के शरीर पर एक पाउच होता है जिसमें वो अपने बच्‍चे को रखते हैं. इस तरह बच्‍चा पूरे दिन अपनी मां के साथ रहता है और खुद को सेफ महसूस करता है. इंसानों की बात करें तो मां के बैली पाउच में भी ठीक इसी तरह बच्‍चा खुद को सुरक्षित महसूस करता है.

​क्‍या है कंगारू केयर?

मां और बच्चे के बीच स्किन-टू-स्किन कॉन्‍टैक्‍ट को कंगारू केयर कहते हैं. इसमें मां अपने बच्चे को सीने से लगाकर रखती है. इससे मां और बच्‍चे के बीच प्यार बढ़ता है और बच्चे की सेहत भी अच्छी रहती है.

कंगारू केयर के हर सेशन में मां कुछ घंटों के लिए बच्चे को अपने सीने से लगाकर रखती है. सबसे खास बात ये है कि इस वक्त बच्चे को सिर्फ डायपर पहनाया जाता है. एक स्टडी के मुताबिक, कंगारू केयर की मदद से न सिर्फ बच्चों को मरने से बचाया गया है, बल्कि य​ह कई गंभीर बीमारियों से बचाने में भी मददगार है.

कंगारू केयर के फायदे

-इससे बच्चे की दिल की धड़कन, ब्रीदिंग और बॉडी टेंपरेचर को रेगुलेट करने में मदद मिलती है.

-मां के करीब रहने से बच्‍चे के दिल की धड़कन रेगुलेट होना खुद ही सीख लेती है.

-कंगारू केयर से बच्चे के अंगों की ग्रोथ में मदद मिलती है और उसका वजन भी बढ़ता है.

-कंगारू केयर का एक फायदा ये भी है कि गर्भ से ही शिशु अपनी मां की आवाज और दिल की धड़कन को पहचानने लगता है. यही वजह है कि कंगारू केयर में बच्‍चा खुद को ज्‍यादा सुरक्षित महसूस करता है.

-इससे बच्‍चे को गहरी नींद आती है और वो देर तक सोता है. बच्‍चे का वजन बढ़ाने में भी यह मददगार है.

-कंगारू केयर मिलने वाले बच्‍चे कम रोते हैं.